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अमेरिका एक बार फिर बिगड़ रहे है कोरोना के हालत, कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से बढ़ा खतरा

अमेरिका में एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं. अमेरिका में एक बार फिर कोरोनावायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से अमेरिका में कोरोना के नए मामले देखने को मिल रहे हैं. वर्ल्डोमीटर के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान अमेरिका में कोरोना संक्रमण के 60 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद वह एक बार फिर संक्रमण के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं।

कोविड के चलते अमेरिका के अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। कोरोना के मामले बढ़ने के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में भी तेजी देखने को मिली है. सबसे ज्यादा नए मामले फ्लोरिडा में सामने आए हैं, जहां एक ही दिन में रिकॉर्ड संख्या में कोरोना के मामले सामने आए हैं। अमेरिका में करीब 40000 कोरोना मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जो जनवरी में कोरोना के पीक के दौरान की तुलना में कम है। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने के नियमों को लेकर संघीय अधिकारियों ने नए नियम बनाए हैं।

फिर लौटा मास्क पहनने का नियम

कोरोना मामलों के फिर से उभरने के बाद अमेरिका के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लेने वाले लोगों के लिए एक बार फिर से मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है। डेल्टा वेरिएंट की वजह से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के बाद यह फैसला लिया गया है. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के निदेशक रोशेल वालेंस्की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मास्क पर लिए गए फैसले के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कोरोना का टीका कारगर है लेकिन कोरोना के डेल्टा वेरियंट के कारण आगे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. इसलिए इस तरह की सावधानियां बरतना जरूरी है।

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सीडीसी के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा संक्रमण दक्षिण अमेरिका में देखने को मिला है। हालांकि, देश के जिन हिस्सों में सबसे अधिक टीकाकरण किया गया है, जैसे कि पूर्वोत्तर, सामुदायिक प्रसारण की दर सीमित है। अमेरिका में प्रति एक लाख में संक्रमण के 100 से अधिक मामलों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। हालांकि, उसी सीडीसी शोध में दावा किया गया है कि जब टीका लगाने वाले लोग संक्रमित होते हैं, तो उनका वायरल लोड उन लोगों के बराबर होता है जिन्हें टीका नहीं लगाया गया है। सीडीसी का कहना है कि इस शोध के बाद यह कहा जा सकता है कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दोनों खुराक ले ली है, वे दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं।

अमेरिका में एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं. अमेरिका में एक बार फिर कोरोनावायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से अमेरिका में कोरोना के नए मामले देखने को मिल रहे हैं. वर्ल्डोमीटर के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान अमेरिका में कोरोना संक्रमण के 60 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद वह एक बार फिर संक्रमण के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं।

कोविड के चलते अमेरिका के अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। कोरोना के मामले बढ़ने के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में भी तेजी देखने को मिली है. सबसे ज्यादा नए मामले फ्लोरिडा में सामने आए हैं, जहां एक ही दिन में रिकॉर्ड संख्या में कोरोना के मामले सामने आए हैं। अमेरिका में करीब 40000 कोरोना मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जो जनवरी में कोरोना के पीक के दौरान की तुलना में कम है। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने के नियमों को लेकर संघीय अधिकारियों ने नए नियम बनाए हैं।

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फिर लौटा मास्क पहनने का नियम

कोरोना मामलों के फिर से उभरने के बाद अमेरिका के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लेने वाले लोगों के लिए एक बार फिर से मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है। डेल्टा वेरिएंट की वजह से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के बाद यह फैसला लिया गया है. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के निदेशक रोशेल वालेंस्की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मास्क पर लिए गए फैसले के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कोरोना का टीका कारगर है लेकिन कोरोना के डेल्टा वेरियंट के कारण आगे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. इसलिए इस तरह की सावधानियां बरतना जरूरी है।

सीडीसी के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा संक्रमण दक्षिण अमेरिका में देखने को मिला है। हालांकि, देश के जिन हिस्सों में सबसे अधिक टीकाकरण किया गया है, जैसे कि पूर्वोत्तर, सामुदायिक प्रसारण की दर सीमित है। अमेरिका में प्रति एक लाख में संक्रमण के 100 से अधिक मामलों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। हालांकि, उसी सीडीसी शोध में दावा किया गया है कि जब टीका लगाने वाले लोग संक्रमित होते हैं, तो उनका वायरल लोड उन लोगों के बराबर होता है जिन्हें टीका नहीं लगाया गया है। सीडीसी का कहना है कि इस शोध के बाद यह कहा जा सकता है कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दोनों खुराक ले ली है, वे दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं।

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